पीरियड्स खत्म होते ही क्यों बढ़ जाती है इंटिमेसी की चाहत? जानिए असली वजह
महिलाओं के शरीर में हर महीने कई तरह के बदलाव होते हैं। पीरियड्स यानी मासिक धर्म का समय जहां थकावट, दर्द और मूड स्विंग्स लेकर आता है, वहीं इसके खत्म होने के बाद एक अलग तरह की एनर्जी और कॉन्फिडेंस महसूस होता है।
अक्सर देखा गया है कि जैसे ही पीरियड्स खत्म होते हैं, महिलाओं में इंटिमेसी यानी नज़दीकियों की इच्छा बढ़ जाती है। लेकिन आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या इसके पीछे सिर्फ मनोवैज्ञानिक वजहें हैं या फिर शरीर में चलने वाले हार्मोनल बदलाव भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं?
इसी विषय पर हमने बात की डॉ. साधना सिंघल बिश्नोई, सीनियर कंसल्टेंट (ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी), क्लाउड नाइन हॉस्पिटल, पंजाबी बाग, नई दिल्ली से।
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हार्मोनल बदलाव हैं सबसे बड़ी वजह
डॉ. साधना के मुताबिक, जैसे ही पीरियड्स खत्म होते हैं, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। यह हार्मोन न सिर्फ प्रजनन क्षमता के लिए जरूरी है, बल्कि मूड और सेक्शुअल डिज़ायर यानी इच्छा को भी प्रभावित करता है।
एस्ट्रोजन की वजह से:
- मूड बेहतर होता है
- शरीर एनर्जेटिक और हल्का महसूस करता है
- कॉन्फिडेंस बढ़ता है
- नेचुरली इंटिमेसी की चाहत बढ़ जाती है
ओव्यूलेशन का समय – सबसे फर्टाइल पीरियड
पीरियड्स खत्म होने के कुछ दिन बाद महिलाओं का शरीर ओव्यूलेशन की ओर बढ़ता है। यही वह समय होता है जब एग्स रिलीज़ होने की तैयारी होती है और गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक रहती है।
डॉक्टर्स के अनुसार, यह एक नेचुरल बायोलॉजिकल सिग्नल है कि शरीर खुद इंटिमेसी की ओर आकर्षित होता है, ताकि प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सके। यही कारण है कि महिलाएं इस समय अधिक नज़दीकियों की तरफ रुचि दिखाती हैं।
पीरियड्स खत्म होने के बाद आराम और रिलैक्सेशन
जहां पीरियड्स के दौरान महिलाओं को दर्द, ऐंठन, भारीपन और थकान झेलनी पड़ती है, वहीं जैसे ही यह सब खत्म होता है, शरीर और मन दोनों को राहत मिलती है। यही वजह है कि महिलाएं इस समय खुद को ज्यादा हल्का, खुश और कॉन्फिडेंट महसूस करती हैं।
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यह कॉन्फिडेंस और आराम भी इंटिमेसी की इच्छा को नेचुरली बढ़ा देता है।
नैचुरल लुब्रिकेशन बढ़ना
डॉ. साधना बताती हैं कि पीरियड्स के बाद शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने से योनि का नेचुरल लुब्रिकेशन भी बढ़ जाता है। इसका सीधा असर यह होता है कि इंटिमेसी के दौरान किसी तरह की असहजता या परेशानी महसूस नहीं होती। यही कारण है कि महिलाएं इस समय ज़्यादा सहज और इच्छुक महसूस करती हैं।
मानसिक स्वतंत्रता और खुलापन
पीरियड्स खत्म होने के बाद महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी हल्का महसूस करती हैं। अब उन्हें उन परेशानियों, मूड स्विंग्स और दर्द से नहीं गुजरना पड़ता जो पीरियड्स के दौरान होते हैं। इस मानसिक स्वतंत्रता की वजह से वे ज़्यादा रिलैक्स और रोमांटिक मूड में रहती हैं।
आखिर क्यों ज़रूरी है यह बदलाव समझना?
महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स और उसके बाद के दिनों में होने वाले बदलाव बिल्कुल नेचुरल हैं। यह किसी तरह की "अजीब" या "अननैचुरल" बात नहीं है, बल्कि शरीर की बायोलॉजिकल प्रक्रिया है।
इस बदलाव को समझने से रिश्तों में और भी हेल्दी अंडरस्टैंडिंग आती है और कपल्स एक-दूसरे के प्रति ज़्यादा सेंसिटिव और केयरिंग हो पाते हैं।
👉 तो अब आप समझ गए होंगे कि पीरियड्स खत्म होने के बाद महिलाओं में इंटिमेसी की इच्छा क्यों बढ़ जाती है। यह सिर्फ मन की बात नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले हार्मोनल और बायोलॉजिकल बदलाव का नतीजा है।
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